HSBC Gold ETF
फंड अवलोकन
| स्कीम का नाम | HSBC Gold ETF |
| एक्जिट लोड | NA |
| योजना बेंचमार्क | HSBC Gold ETF |
| नव | 126.91 |
| औम | NA |
| न्यूनतम निवेश | 5000.00 |
| लॉन्च तिथि | 2026-03-16 |
| समाप्ति तिथि | 2026-03-18 |
| फंड प्रकार | OPEN |
| जोखिम | NA |
| कर | Profit are added to your income and taxed as per slab |
एनएफओ के बारे में अधिक जानकारी
न्यू फंड ऑफर का मतलब है एक नई म्युचुअल फंड स्कीम की शुरुआत। एनएफओ के दौरान, फंड हाउस निवेशकों को नई स्कीम की यूनिट्स सब्सक्राइब करने के लिए आमंत्रित करता है।
फ़ंड प्रबंधक
फंड मैनेजर विवरण उपलब्ध नहीं है।
फंड हाउस निवेश उद्देश्य
HSBC Gold ETF यूनिफी म्युचुअल फंड द्वारा पेश की गई एक फंड स्कीम है। इसका उद्देश्य लंबी अवधि में पूंजीगत लाभ अर्जित करना है।
फंड बेंचमार्क:
NA
फंड हाउस संपर्क विवरण
| पता: | 9-11 Floors NESCO IT Park, Building no 3 Western Express, Highway Goregaon(East) Mumbai-400063 |
| फ़ोन: | 022 66145000 |
| ईमेल: | investor.line@mutualfunds.hsbc.co.in |
| वेबसाइट: | www.assetmanagement.hsbc.co.in |
संबंधित प्रश्न
NFO क्या है?
NFO (New Fund Offer) किसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) या फंड हाउस द्वारा किसी नई म्युचुअल फंड स्कीम की शुरुआत है। जब कोई NFO लॉन्च होता है, तो निवेशक इसकी यूनिट्स का सब्सक्रिप्शन लेकर स्कीम में निवेश कर सकते हैं।
NFO कैसे काम करता है?
NFO के दौरान निवेशक फंड हाउस से नई यूनिट्स खरीदते हैं। इन यूनिट्स की कीमत NFO की अवधि के अंत में निर्धारित होती है।
क्या मुझे NFO में निवेश करना चाहिए?
NFO में निवेश करने का निर्णय निवेशक की जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश लक्ष्य पर निर्भर करता है। NFO में निवेश अधिक जोखिमपूर्ण हो सकता है क्योंकि इसका कोई इतिहास नहीं होता।
मैं NFO में कैसे निवेश कर सकता हूं?
NFO में निवेश के लिए आप म्युचुअल फंड की वेबसाइट या किसी वितरक के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आज यह प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है।
NFO के लिए न्यूनतम निवेश राशि क्या है?
NFO के लिए न्यूनतम निवेश आम तौर पर ₹500 या ₹1000 होती है। यह स्कीम की शर्तों पर निर्भर करता है।
NFO यूनिट्स के लिए लॉक-इन अवधि क्या है?
लॉक-इन स्कीम के प्रकार पर निर्भर करती है। ELSS NFO की लॉक-इन अवधि 3 वर्ष हो सकती है।
NFO में निवेश पर टैक्स देनदारी कैसे होती है?
इक्विटी NFO में 1 साल से अधिक रखने पर LTCG कर लागू हो सकता है। 1 साल के भीतर बेचने पर STCG कर लागू होता है।