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SIP 15×15×15 Strategy: ₹15,000 मंथली निवेश से 15 साल में बनाएं ₹1 करोड़ का फंड

SIP लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है। बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम कहते हैं कि इसका सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज का मिलना) है SIP 15×15×15 Strategy: अगर आपका भी टारगेट अगले 15 साल में म्युचुअल…

SIP 15×15×15 Strategy: ₹15,000 मंथली निवेश से 15 साल में बनाएं ₹1 करोड़ का फंड

Last Updated: मई 5, 2026 | 10:40 AM IST

हाइलाइट्स

  • SIP लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है। बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम कहते हैं कि इसका सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज का मिलना) है SIP 15×15×15 Strategy: अगर आपका भी टारगेट अगले 15 साल में म्युचुअल…

SIP लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है। बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम कहते हैं कि इसका सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज का मिलना) है

SIP 15×15×15 Strategy: अगर आपका भी टारगेट अगले 15 साल में म्युचुअल फंड में निवेश के जरिये 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना है, तो आपके लिए SIP की 15×15×15 स्ट्रैटेजी मददगार साबित हो सकती है। यह तरीका उन निवेशकों के लिए बेहतरीन है जो SIP के जरिए छोटी-छोटी रकम निवेश कर लंबी अवधि में करोड़पति बनना चाहते हैं। यह नियमित और अनुशासित निवेश की आदत को भी बढ़ावा देता है। SIP की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें बाजार की टाइमिंग पर जोर नहीं होता, क्योंकि यह ‘रुपी कॉस्ट एवरेजिंग’ (rupee cost averaging) के सिद्धांत पर काम करता है। जब बाजार गिरता है तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, और जब चढ़ता है तो कम यूनिट्स, जिससे औसत लागत संतुलित होती है।

SIP 15×15×15 स्ट्रैटेजी क्या है?

SIP की 15×15×15 स्ट्रैटेजी एक बहुत ही लोकप्रिय और प्रभावी निवेश रणनीति है, जो तीन महत्वपूर्ण आंकड़ों पर आधारित है:

पहला 15 – हर महीने ₹15,000 का निवेश

दूसरा 15 – 15% की एनुअल रिटर्न

तीसरा 15 – निवेश की कुल अवधि 15 साल

जब आप इस फॉर्मूले के अनुसार, 15,000 रुपये की एसआईपी 15 साल चलाना चलाते हैं और आपको सालाना आधार पर 15% का रिटर्न भी मिलता है तो अंत में आपके पास 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाएगा।

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कैसे बनता है ₹1 करोड़ का फंड?

यदि आप हर महीने एसआईपी के जरिये 15,000 निवेश करते हैं, तो 15 वर्षों में आपकी कुल निवेश राशि होगी:

₹15,000 × 12 महीने × 15 वर्ष = ₹27,00,000

अब यदि इस राशि पर औसतन 15% एनुअल कंपाउंड रिटर्न मिलता है, तो 15 साल बाद यह राशि लगभग ₹1.02 करोड़ तक पहुंच जाती है। यानी आपके निवेश पर लगभग ₹75 लाख से अधिक का लाभ।

आइए, इसे SIP कैलकुलेटर से समझते हैं-

मंथली SIP अमाउंट – 15,000 रुपये

अनुमानित रिटर्न – 15% सालाना

निवेश की अवधि – 15 साल

15 साल में कुल निवेश – 27,00,000 रुपये (27 लाख)

15 साल बाद SIP की वैल्यू – 1,01,52,946 रुपये (1.02 करोड़)

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SIP 15×15×15 स्ट्रैटेजी के फायदे

अनुशासन और नियमितता: SIP के जरिए निवेशक हर महीने बचत और निवेश की आदत विकसित करते हैं।

कंपाउंडिंग का लाभ: जितना लंबा निवेश समय होगा, उतना अधिक ब्याज पर ब्याज मिलेगा।

कम जोखिम: एकमुश्त निवेश की तुलना में SIP मार्केट के उतार-चढ़ाव को संतुलित करता है।

लक्ष्य आधारित निवेश: यह रणनीति लंबी अवधि के लक्ष्यों जैसे – रिटायरमेंट, बच्चों की शिक्षा या घर खरीदने के लिए उपयुक्त है।

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SIP में छुपा है कम्पाउंडिंग का जादू

SIP लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है। बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम कहते हैं कि इसका सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज का मिलना) है। समय के साथ यह फंड को धीरे-धीरे बड़ा बनाता है। लंबे समय तक SIP करने से आप बाजार की उठापटक का फायदा उठा सकते हैं। इससे निवेश की लागत भी औसतन कम हो जाती है। इसमें एक साथ बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं होती।

उनका कहना है, आप हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम लगाकर धीरे-धीरे बड़ा फंड बना सकते हैं। यह तरीका कम जोखिम वाला भी है। हालांकि, यह ध्यान जरूर रखना चाहिए कि किसी भी फंड की पिछली परफॉर्मेंस उसके भविष्य के परफॉर्मेंस की गारंटी नहीं होता है। इसलिए निवेशकों को रिस्क उठाने की क्षमता के आधार पर फंड का चयन करना चाहिए।

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विदेश जाना है लेकिन पासपोर्ट-वीजा नहीं

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Last Updated: अप्रैल 4, 2026 | 7:31 PM IST

हाइलाइट्स

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Upcoming NFO: अगले हफ्ते होगी एनएफओ की बारिश, 7 नए फंड लॉन्च को तैयार; ₹500 से निवेश शुरू

NFO Alert: अगले सप्ताह, बजाज फिनसर्व, बंधन, डीएसपी, फ्रैंकलिन, पीजीआईएम, ग्रो और सैमको म्यूचुअल फंड मिलकर इक्विटी, डेट और हाइब्रिड कैटेगरी में कुल 7 नए फंड पेश करने जा रहे…

Last Updated: नवंबर 22, 2025 | 11:37 AM IST

हाइलाइट्स

  • NFO Alert: अगले सप्ताह, बजाज फिनसर्व, बंधन, डीएसपी, फ्रैंकलिन, पीजीआईएम, ग्रो और सैमको म्यूचुअल फंड मिलकर इक्विटी, डेट और हाइब्रिड कैटेगरी में कुल 7 नए फंड पेश करने जा रहे हैं Upcoming NFO: म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा…
Upcoming NFO: अगले हफ्ते होगी एनएफओ की बारिश, 7 नए फंड लॉन्च को तैयार; ₹500 से निवेश शुरू
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NFO Alert: अगले सप्ताह, बजाज फिनसर्व, बंधन, डीएसपी, फ्रैंकलिन, पीजीआईएम, ग्रो और सैमको म्यूचुअल फंड मिलकर इक्विटी, डेट और हाइब्रिड कैटेगरी में कुल 7 नए फंड पेश करने जा रहे हैं

Upcoming NFO: म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है और निवेशकों में इसकी लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ी है। इस मजबूत मोमेंटम का फायदा उठाने के लिए एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMCs) एक के बाद एक न्यू फंड ऑफर (NFOs) लॉन्च कर रही हैं। इसी कड़ी में अगले सप्ताह, बजाज फिनसर्व, बंधन, डीएसपी, फ्रैंकलिन, पीजीआईएम, ग्रो और सैमको म्यूचुअल फंड मिलकर इक्विटी, डेट और हाइब्रिड कैटेगरी में कुल 7 नए फंड पेश करने जा रहे हैं। अगर आप म्यूचुअल फंड में अपनी निवेश यात्रा शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह एक बेहतर अवसर हो सकता है। ये सभी फंड अलग-अलग थीम और निवेश उद्देश्यों के साथ लॉन्च किए जा रहे हैं, ताकि हर निवेशक अपनी जरूरतों और लक्ष्यों के अनुरूप सही विकल्प चुन सके। आइए, इन नए फंड्स पर एक नजर डालते हैं।

Bajaj Finserv Banking And Financial Services

फंड का नाम – बजाज फिनसर्व बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड

फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी सेक्‍टोरल बैंकिंग

NFO ओपन डेट – 10 नवंबर, 2025

NFO क्लोजिंग डेट – 24 नवंबर, 2025

मिनिमम निवेश – ₹500

एग्जिट लोड – 3 महीने पहले भुनाने पर 1%

बेंचमार्क – NIFTY Financial Services TRI

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (Very High Risk)

फंड मैनेजर – निमेश चंदन, सिद्धार्थ चौधरी और सौरभ गुप्ता

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Bandhan Healthcare Fund

फंड का नाम – बंधन हेल्थकेयर फंड

फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी सेक्‍टोरल फार्मा

NFO ओपन डेट – 10 नवंबर, 2025

NFO क्लोजिंग डेट – 24 नवंबर, 2025

मिनिमम निवेश – ₹1,000

एग्जिट लोड – 30 दिन से पहले भुनाने पर 0.5%

बेंचमार्क – BSE Healthcare TRI

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (Very High Risk)

फंड मैनेजर – विराज कुलकर्णी और ब्रिजेश शाह

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DSP MSCI India ETF

फंड का नाम – डीएसपी एमएससीआई इंडिया ईटीएफ

फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी लार्ज एंड मिडकैप

NFO ओपन डेट – 10 नवंबर, 2025

NFO क्लोजिंग डेट – 17 नवंबर, 2025

मिनिमम निवेश – ₹5,000

एग्जिट लोड – कुछ नहीं

बेंचमार्क – MSCI India TRI

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (Very High Risk)

फंड मैनेजर – अनिल घेलानी और दीपेश शाह

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Franklin India Multi-Factor Fund

फंड का नाम – फ्रैंकलिन इंडिया मल्टी-फैक्टर फंड

फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम

NFO ओपन डेट – 10 नवंबर, 2025

NFO क्लोजिंग डेट – 24 नवंबर, 2025

मिनिमम लंपसम निवेश – ₹5,000

मिनिमम SIP निवेश – ₹500

एग्जिट लोड – 1 साल के भीतर रिडीम (बेचते) करते हैं, तो 0.50% का एग्जिट लोड लगेगा। हालांकि, 10% यूनिट्स पर कोई एग्जिट लोड नहीं होगा।

बेंचमार्क – BSE 200 TRI

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (Very High Risk)

फंड मैनेजर – अरिहंत जैन

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Groww Money Market Fund

फंड का नाम –ग्रो मनी मार्केट फंड

फंड टाइप – ओपन-एंडेड डेट फंड

NFO ओपन डेट – 10 नवंबर, 2025

NFO क्लोजिंग डेट – 17 नवंबर, 2025

मिनिमम निवेश – ₹500

एग्जिट लोड – कुछ नहीं

बेंचमार्क – CRISIL Money Market A-I Index

रिस्क लेवल – कम से मध्यम जोखिम (Low to Moderate)

फंड मैनेजर – कौस्तुभ सुले

PGIM India Multi Asset Allocation Fund

फंड का नाम – पीजीआईएम इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड

फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी हाइब्रिड फंड

NFO ओपन डेट – 11 नवंबर, 2025

NFO क्लोजिंग डेट – 25 नवंबर, 2025

मिनिमम निवेश – ₹5,000

एग्जिट लोड – 90 दिन से पहले भुनाने पर 0.5%

बेंचमार्क – NIFTY 500 TRI (60), CRISIL Short-Term Bond Index (20), Domestic Price of Gold (10), Domestic Price of Silver (10)

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (Very High Risk)

फंड मैनेजर – आनंद पद्मनाभन अंजनेयन, उत्सव मेहता, विवेक शर्मा और पुनीत पाल

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Samco Small Cap Fund

फंड का नाम – सैमको स्मॉल कैप फंड

फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम

NFO ओपन डेट – 14 नवंबर, 2025

NFO क्लोजिंग डेट – 28 नवंबर, 2025

मिनिमम निवेश – ₹5,000

एग्जिट लोड – 10% से अधिक यूनिट्स के रिडेम्प्शन पर, यदि यह 12 महीनों के भीतर किया जाता है, तो 1% का शुल्क लगाया जाएगा।

बेंचमार्क – NIFTY Smallcap 250 TRI

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (Very High Risk)

फंड मैनेजर – धवल घनश्याम धनानी, निराली भंसाली और उमेशकुमार मेहता

इन 11 IPOs में Mutual Funds ने झोंके ₹8,752 करोड़; स्मॉल-कैप की ग्रोथ पोटेंशियल पर भरोसा बरकरार

स्टडी में यह भी सामने आया है कि इन नई कंपनियों में से अधिकांश स्मॉल-कैप कैटेगरी की हैं, जबकि केवल एक कंपनी मिड-कैप कैटेगरी से आती है इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग…

Last Updated: नवंबर 22, 2025 | 11:35 AM IST

हाइलाइट्स

  • स्टडी में यह भी सामने आया है कि इन नई कंपनियों में से अधिकांश स्मॉल-कैप कैटेगरी की हैं, जबकि केवल एक कंपनी मिड-कैप कैटेगरी से आती है इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPOs) का खुमार म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के सिर पर भी…
इन 11 IPOs में Mutual Funds ने झोंके ₹8,752 करोड़; स्मॉल-कैप की ग्रोथ पोटेंशियल पर भरोसा बरकरार
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स्टडी में यह भी सामने आया है कि इन नई कंपनियों में से अधिकांश स्मॉल-कैप कैटेगरी की हैं, जबकि केवल एक कंपनी मिड-कैप कैटेगरी से आती है

इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPOs) का खुमार म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के सिर पर भी चढ़कर बोल रहा है। स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म वेंचुरा (Ventura) की एक स्टडी के मुताबिक, सितंबर 2025 में समाप्त तिमाही के दौरान फंड हाउसों ने हालिया आईपीओ में जबरदस्त भागीदारी दिखाई है। रिपोर्ट के अनुसार, म्युचुअल फंड्स ने नई लिस्टेड कंपनियों में 8,752 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है।

छोटी कंपनियों पर MF का बड़ा भरोसा

स्टडी में यह भी सामने आया है कि इन नई कंपनियों में से अधिकांश स्मॉल-कैप कैटेगरी की हैं, जबकि केवल एक कंपनी मिड-कैप कैटेगरी से आती है। यह रुझान दर्शाता है कि म्युचुअल फंड उद्योग अब छोटी लेकिन तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में रणनीतिक रूप से निवेश कर रहा है, जिनसे आने वाले समय में बेहतर रिटर्न की उम्मीद है।

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MF ने किस IPOs पर कितना लगाया दांव

New Entrants – IPO Market Value (Rs. in crores)

Held by Mutual Fund Schemes

Categorisation as per SEBI
Anthem Biosciences 2,754 Mid Cap
Aditya Infotech 1,272 Small Cap
JSW Cement 1,039 Small Cap
Travel Food Services 793 Small Cap
Urban Company 777 Small Cap
Bluestone Jewellery And Lifestyle 452 Small Cap
Saatvik Green Energy 383 Small Cap
National Securities Depository 363 Small Cap
Indiqube Spaces 340 Small Cap
Vikram Solar 326 Small Cap
Brigade Hotel Ventures 253 Small Cap

Source: Ventura

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स्मॉल और मिड-कैप कैटेगरी की AUM ग्रोथ सुस्त

पिछली तिमाही में प्रमुख इक्विटी कैटेगरी की AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) में मजबूत दो अंकों की वृद्धि हुई थी। लेकिन इस तिमाही में स्मॉल-कैप और मिड-कैप कैटेगरी की रफ्तार धीमी पड़ गई है। स्मॉल-कैप की वृद्धि 20% से घटकर 0.6% और मिड-कैप की वृद्धि 17% से घटकर 0.4% रह गई है। यह गिरावट मुख्य रूप से मिड और स्मॉल-कैप इंडेक्स में आई करेक्शन की वजह से हुई है। वहीं, निफ्टी 50 में इस दौरान मामूली बढ़त देखने को मिली।

Source: Ventura

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इक्विटी में जबरदस्त इनफ्लो, डेट में गिरावट

स्टडी के अनुसार, सितंबर 2025 तिमाही में इक्विटी स्कीम्स में 1,06,554 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया, जबकि पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 66,869 करोड़ रुपये था। वहीं, डेट स्कीम्स से 3,156 करोड़ रुपये का आउटफ्लो (निकासी) दर्ज किया गया, जबकि पिछली तिमाही में इसमें 2,01,516 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ था। हाइब्रिड स्कीम्स में भी लगातार निवेश बना रहा। सितंबर 2025 तिमाही में इसमें करीब 45,570 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया, जबकि पिछली तिमाही में यह आंकड़ा लगभग 58,235 करोड़ रुपये था।

Source: Ventura

इसके अलावा, मंथली SIP निवेश ने नया रिकॉर्ड बनाया — सितंबर 2025 के अंत तक 29,361 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि जून 2025 में यह आंकड़ा 27,269 करोड़ रुपये था।