IPOs में OFSs की भरमार, 2025 में अब तक कंपनियों ने जुटाए ₹96,000 करोड़

इस साल आईपीओ में सेकंडरी शेयरों की बिक्री लगभग 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिये जुटाई गई रकम साल 2025 में करीब 96,000 करोड़ रुपये के नए शिखर…

IPOs में OFSs की भरमार, 2025 में अब तक कंपनियों ने जुटाए ₹96,000 करोड़

Last Updated: March 11, 2026 | 4:35 PM IST

हाइलाइट्स

  • इस साल आईपीओ में सेकंडरी शेयरों की बिक्री लगभग 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिये जुटाई गई रकम साल 2025 में करीब 96,000 करोड़ रुपये के नए शिखर…

इस साल आईपीओ में सेकंडरी शेयरों की बिक्री लगभग 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची

आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिये जुटाई गई रकम साल 2025 में करीब 96,000 करोड़ रुपये के नए शिखर पर पहुंच गई। इसने पिछले वर्ष के 95,285 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर को पार कर लिया। साल 2025 में आईपीओ से अभी तक कुल 1.53 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए हैं जो पिछले वर्ष के उच्चतम स्तर 1.59 लाख करोड़ रुपये से 7,160 करोड़ रुपये कम है। आईपीओ में नए शेयर जारी करके जुटाई गई नई पूंजी इस वर्ष 56,796 करोड़ रुपये रही है जो विशेषज्ञों के अनुसार एकल आधार पर अभी भी अच्छी है।

साल खत्म होने में अभी छह सप्ताह बाकी है। आईपीओ की कुल संख्या पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ने के कगार पर है। साथ ही ओएफएस से जुटाई गई रकम भी एक साल में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने जा रही है।

प्राइम डेटाबेस के अनुसार 2015 से अभी तक आईपीओ से जुटाई गई कुल रकम का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा ओएफएस (4.73 लाख करोड़ रुपये) के रूप में रहा है जबकि केवल 2.44 लाख करोड़ रुपये नए शेयर से आए हैं।

आईपीओ से मिलने वाली नई पूंजी आम तौर पर पूंजीगत व्यय में जाती है। इसे आर्थिक गति का सूचक माना जाता है। इसके विपरीत ओएफएस स्वामित्व में बदलाव का प्रतीक है। इसके तहत आमतौर पर निजी इक्विटी (पीई) निवेशक या प्रवर्तक अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं। हालांकि इस तरह से मिलने वाली रकम से सीधे कंपनी को विस्तार के लिए धन नहीं मिलता। फिर भी इसका उत्पादक इस्तेमाल हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पीई निवेशक ऐसी पूंजी को नए उद्यमों में लगा सकते हैं और प्रवर्तक नए कारोबारों में पैसा डाल सकते हैं।

इस साल लेंसकार्ट, ग्रो और पाइन लैब्स समेत नई पीढ़ी की कंपनियों के ज्यादातर आईपीओ में नई पूंजी के मुकाबले ओएफएस की हिस्सेदारी ज्यादा रही है। कई मामलों में शुरुआती निवेशकों ने जबरदस्त ​मुनाफा कमाया है। लिहाजा, यह चिंता बढ़ गई है कि पीई फंड खुदरा निवेशकों को बेचकर अपना पैसा निकाल रहे हैं। मगर बाजार के प्रतिभागी इस दृष्टिकोण को खारिज करते हैं।

इक्विरस कैपिटल के प्रबंध निदेशक और निवेश बैंकिंग प्रमुख भावेश शाह ने कहा, आईपीओ में ओएफएस का आधिक्य बाजार के लिए अच्छा संकेत है। निवेशकों को इस बात पर ध्यान देने के बजाय कि उनकी पूंजी का इस्तेमाल प्राथमिक निर्गम से धन जुटाने के लिए किया जा रहा है या नहीं, कारोबार की बुनियादी बातों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा, अतीत में प्राथमिक निर्गमों के प्रति झुकाव था। लेकिन इसका मतलब अक्सर नकदी पैदा करने वाले कारोबारों के बजाय नकदी की कमी वाले कारोबारों को धन मुहैया कराना होता था। वास्तव में, निवेशकों को उन परिपक्व, नकदी पैदा करने वाली कंपनियों में अधिक मूल्य मिलता है, जिन्हें आमतौर पर प्राथमिक पूंजी की कम आवश्यकता होती है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का आईपीओ ढांचा प्राइमरी और सेकंडरी दोनों प्रकार के निर्गमों का समर्थन करने के लिहाज से परिपक्व हो गया है। इसलिए यह मिश्रण अब कम प्रासंगिक है।

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Upcoming IPOs This Week: इस हफ्ते दो IPO खुलने से बाजार में बढ़ेगी हलचल, वहीं सात कंपनियों की होगी लिस्टिंग

इस हफ्ते दो नए IPO खोले जाने और सात कंपनियों की लिस्टिंग होने की तैयारी बाजार में निवेशकों के लिए कई नए विकल्प उपलब्ध कराए जाने के संकेत के रूप…

Last Updated: November 21, 2025 | 6:02 AM IST

हाइलाइट्स

  • इस हफ्ते दो नए IPO खोले जाने और सात कंपनियों की लिस्टिंग होने की तैयारी बाजार में निवेशकों के लिए कई नए विकल्प उपलब्ध कराए जाने के संकेत के रूप में देखी जा रही है यह हफ्ता शेयर बाजार के…
Upcoming IPOs This Week: इस हफ्ते दो IPO खुलने से बाजार में बढ़ेगी हलचल, वहीं सात कंपनियों की होगी लिस्टिंग
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इस हफ्ते दो नए IPO खोले जाने और सात कंपनियों की लिस्टिंग होने की तैयारी बाजार में निवेशकों के लिए कई नए विकल्प उपलब्ध कराए जाने के संकेत के रूप में देखी जा रही है

यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए थोड़ा शांत लेकिन दिलचस्प रहने वाला है। प्राइमरी मार्केट में इस बार सिर्फ दो नए IPO खुलेंगे, लेकिन दोनों अपने आकार और सेक्टर की वजह से निवेशकों का ध्यान खींच सकते हैं। मेनबोर्ड पर एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज 500 करोड़ रुपये के इश्यू के साथ दस्तक देगी, जबकि SME में गैलर्ड स्टील 37.50 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। दोनों IPO 19 नवंबर को खुलेंगे और 21 नवंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।

इसके साथ ही यह हफ्ता लिस्टिंग्स के मामले में काफी व्यस्त रहने वाला है। कुल सात नए IPO बाजार में उतारेंगे और BSE-NSE पर निवेशकों की धड़कनें तेज करेंगे। फिजिक्सवाला, MV फोटोवोल्टेइक, टेनेको क्लीन एयर, फुजियामा पावर सिस्टम्स और कैपिलरी टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां मेनबोर्ड पर दिखाई देंगी, जबकि वर्कमेट्स कोर2क्लाउड और महामाया लाइफसाइंसेज SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगी। इतने सारे नए विकल्पों के साथ निवेशकों के सामने सही चुनाव करने की चुनौती भी रहेगी।

इस हफ्ते खुलेंगे दो IPO

एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज IPO

ये IPO 19 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 21 नवंबर को बंद होगा। ये बुक बिल्ट ऑफर है, कुल 500 करोड़ रुपये का। इसमें 1.50 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू है जो 180 करोड़ रुपये का, और 2.67 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल है जो 320 करोड़ रुपये का है।

प्राइस बैंड 114 से 120 रुपये प्रति शेयर है। आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है, और एमयूएफजी इंटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार है।

गैलर्ड स्टील का IPO

ये IPO भी 19 नवंबर को खुलेगा और 21 नवंबर को बंद होगा। ये SME IPO है, बुक बिल्ट इश्यू 37.50 करोड़ रुपये का। पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, 0.25 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल 37.50 करोड़ रुपये का है।

प्राइस बैंड 142 से 150 रुपये प्रति शेयर है। सेरेन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है, और अंकित कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार है।

नए कंपनियों की होगी लिस्टिंग

इस हफ्ते कई IPO की लिस्टिंग होगी:

  • फिजिक्सवाला IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 18 नवंबर।
  • एमवी फोटोवोल्टेइक IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 18 नवंबर।
  • टेनेको क्लीन एयर IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 19 नवंबर।
  • फुजियामा पावर सिस्टम्स IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 20 नवंबर।
  • कैपिलरी टेक्नोलॉजीज IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 21 नवंबर।
  • वर्कमेट्स कोर2क्लाउड IPO: SME IPO, BSE SME पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 18 नवंबर।
  • महामाया लाइफसाइंसेज IPO: SME IPO, BSE SME पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 18 नवंबर।