पिछले 5 साल में कंपनियों ने IPO से जुटाए ₹5.39 लाख करोड़, इश्यू के औसत साइज में भी इजाफा

पिछले 5 साल में औसत आईपीओ साइज काफी बढ़ा है। 2020-2025 के दौरान औसत साइज 1,605 करोड़ रुपये था। पहले यह औसत सिर्फ 692 करोड़ रुपये था। भारत के कैपिटल मार्केट ने पिछले 5 साल में बड़ी उपलब्धि हासिल की…

पिछले 5 साल में कंपनियों ने IPO से जुटाए ₹5.39 लाख करोड़, इश्यू के औसत साइज में भी इजाफा

Last Updated: March 11, 2026 | 4:35 PM IST

हाइलाइट्स

  • पिछले 5 साल में औसत आईपीओ साइज काफी बढ़ा है। 2020-2025 के दौरान औसत साइज 1,605 करोड़ रुपये था। पहले यह औसत सिर्फ 692 करोड़ रुपये था। भारत के कैपिटल मार्केट ने पिछले 5 साल में बड़ी उपलब्धि हासिल की…

पिछले 5 साल में औसत आईपीओ साइज काफी बढ़ा है। 2020-2025 के दौरान औसत साइज 1,605 करोड़ रुपये था। पहले यह औसत सिर्फ 692 करोड़ रुपये था।

भारत के कैपिटल मार्केट ने पिछले 5 साल में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 5,39,400 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह राशि 2000 से 2020 के बीच जुटाए गए 4,55,800 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। इस तेजी की खास बात यह है कि अब कम आईपीओ लाकर भी ज्यादा फंड जुटाया जा रहा है। 2020-2025 के बीच 336 आईपीओ आए। जबकि 2000-2020 के बीच 658 आईपीओ जारी हुए थे। इक्विरस कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

इक्विरस कैपिटल के एमडी भावेश शाह का कहना है कि पिछले 5 साल में औसत आईपीओ साइज काफी बढ़ा है। 2020-2025 के दौरान औसत साइज 1,605 करोड़ रुपये था। पहले यह औसत सिर्फ 692 करोड़ रुपये था।

OFS का बढ़ना और कमाई के नए मौके

कैपिटल मार्केट में तेजी से प्रमोटरों और निवेशकों को शेयर बेचकर कमाई का मौका मिला है। इसका असर आईपीओ में बढ़ते ऑफर फॉर सेल (OFS) के हिस्से में दिख रहा है। शाह बताते हैं कि ओएफएस की बढ़ती स्वीकार्यता से प्राइवेट इक्विटी निवेशकों को बाहर निकलना आसान हुआ है। साथ ही प्रमोटरों को भी अपने बिजनेस का छोटा हिस्सा बेचकर पूंजी जुटाने में आसानी हुई है।

प्राइवेट इक्विटी निवेशों का बाहर निकलना तेज

2025 के पहले 10 महीनों में पीई एग्जिट में सेकेंडरी सेल का हिस्सा बढ़कर 16% हो गया है। 2024 में यह सिर्फ 7% था। ब्लॉक डील्स अभी भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती हैं, लेकिन उनका योगदान 67% से घटकर 56% रह गया है।

शाह का मानना है कि आने वाले सालों में डील वॉल्यूम और बढ़ेगा। क्योंकि 165 अरब डॉलर के पीई निवेश अब मैच्योर हो रहे हैं और जल्द ही डिसइन्वेस्टमेंट में जाएंगे।

इक्विरस के अनुसार, 2026 में आईपीओ बाजार तीन बड़े ट्रेंड से आगे बढ़ेगा। पहला, न्यू-एज और डिजिटल कंपनियों के आईपीओ में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। दूसरा, बड़े और रिकॉर्ड तोड़ आईपीओ बाजार में अधिक लिक्विडिटी लाएंगे। तीसरा, टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले आईपीओ की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। शाह का कहना है कि अब छोटे शहरों से आने वाले आईपीओ कुल वैल्यू का एक-चौथाई से भी ज्यादा हिस्सा रखते हैं। जबकि 2021 में यह हिस्सा केवल 4% था।

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Upcoming IPOs This Week: इस हफ्ते दो IPO खुलने से बाजार में बढ़ेगी हलचल, वहीं सात कंपनियों की होगी लिस्टिंग

इस हफ्ते दो नए IPO खोले जाने और सात कंपनियों की लिस्टिंग होने की तैयारी बाजार में निवेशकों के लिए कई नए विकल्प उपलब्ध कराए जाने के संकेत के रूप…

Last Updated: November 21, 2025 | 6:02 AM IST

हाइलाइट्स

  • इस हफ्ते दो नए IPO खोले जाने और सात कंपनियों की लिस्टिंग होने की तैयारी बाजार में निवेशकों के लिए कई नए विकल्प उपलब्ध कराए जाने के संकेत के रूप में देखी जा रही है यह हफ्ता शेयर बाजार के…
Upcoming IPOs This Week: इस हफ्ते दो IPO खुलने से बाजार में बढ़ेगी हलचल, वहीं सात कंपनियों की होगी लिस्टिंग
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इस हफ्ते दो नए IPO खोले जाने और सात कंपनियों की लिस्टिंग होने की तैयारी बाजार में निवेशकों के लिए कई नए विकल्प उपलब्ध कराए जाने के संकेत के रूप में देखी जा रही है

यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए थोड़ा शांत लेकिन दिलचस्प रहने वाला है। प्राइमरी मार्केट में इस बार सिर्फ दो नए IPO खुलेंगे, लेकिन दोनों अपने आकार और सेक्टर की वजह से निवेशकों का ध्यान खींच सकते हैं। मेनबोर्ड पर एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज 500 करोड़ रुपये के इश्यू के साथ दस्तक देगी, जबकि SME में गैलर्ड स्टील 37.50 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। दोनों IPO 19 नवंबर को खुलेंगे और 21 नवंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।

इसके साथ ही यह हफ्ता लिस्टिंग्स के मामले में काफी व्यस्त रहने वाला है। कुल सात नए IPO बाजार में उतारेंगे और BSE-NSE पर निवेशकों की धड़कनें तेज करेंगे। फिजिक्सवाला, MV फोटोवोल्टेइक, टेनेको क्लीन एयर, फुजियामा पावर सिस्टम्स और कैपिलरी टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां मेनबोर्ड पर दिखाई देंगी, जबकि वर्कमेट्स कोर2क्लाउड और महामाया लाइफसाइंसेज SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगी। इतने सारे नए विकल्पों के साथ निवेशकों के सामने सही चुनाव करने की चुनौती भी रहेगी।

इस हफ्ते खुलेंगे दो IPO

एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज IPO

ये IPO 19 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 21 नवंबर को बंद होगा। ये बुक बिल्ट ऑफर है, कुल 500 करोड़ रुपये का। इसमें 1.50 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू है जो 180 करोड़ रुपये का, और 2.67 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल है जो 320 करोड़ रुपये का है।

प्राइस बैंड 114 से 120 रुपये प्रति शेयर है। आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है, और एमयूएफजी इंटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार है।

गैलर्ड स्टील का IPO

ये IPO भी 19 नवंबर को खुलेगा और 21 नवंबर को बंद होगा। ये SME IPO है, बुक बिल्ट इश्यू 37.50 करोड़ रुपये का। पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, 0.25 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल 37.50 करोड़ रुपये का है।

प्राइस बैंड 142 से 150 रुपये प्रति शेयर है। सेरेन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है, और अंकित कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार है।

नए कंपनियों की होगी लिस्टिंग

इस हफ्ते कई IPO की लिस्टिंग होगी:

  • फिजिक्सवाला IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 18 नवंबर।
  • एमवी फोटोवोल्टेइक IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 18 नवंबर।
  • टेनेको क्लीन एयर IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 19 नवंबर।
  • फुजियामा पावर सिस्टम्स IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 20 नवंबर।
  • कैपिलरी टेक्नोलॉजीज IPO: BSE और NSE पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 21 नवंबर।
  • वर्कमेट्स कोर2क्लाउड IPO: SME IPO, BSE SME पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 18 नवंबर।
  • महामाया लाइफसाइंसेज IPO: SME IPO, BSE SME पर लिस्ट होगा, टेंटेटिव डेट 18 नवंबर।