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क्या सोने की बढ़ती कीमतें आने वाली महंगाई का संकेत दे रही हैं? एक्सपर्ट ने दिया बड़ा संकेत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिर चढ़ने लगा है। क्या यह आने वाली महंगाई का संकेत है? एक्सपर्ट की रिपोर्ट जानें आसान भाषा में। Gold Price Outlook: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें एक बार फिर ऊपर जाने लगी हैं। पिछले दिनों…

क्या सोने की बढ़ती कीमतें आने वाली महंगाई का संकेत दे रही हैं? एक्सपर्ट ने दिया बड़ा संकेत

Last Updated: मई 12, 2026 | 7:20 AM IST

हाइलाइट्स

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिर चढ़ने लगा है। क्या यह आने वाली महंगाई का संकेत है?
  • एक्सपर्ट की रिपोर्ट जानें आसान भाषा में। Gold Price Outlook: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें एक बार फिर ऊपर जाने लगी हैं। पिछले दिनों…

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिर चढ़ने लगा है। क्या यह आने वाली महंगाई का संकेत है? एक्सपर्ट की रिपोर्ट जानें आसान भाषा में।

Gold Price Outlook: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें एक बार फिर ऊपर जाने लगी हैं। पिछले दिनों सोना लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 4208 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़त बताती है कि बाजार को आगे चलकर महंगाई बढ़ने की उम्मीद है। इसी वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना खरीद रहे हैं।

JM Financial के विश्लेषक हितेश सुवर्णा का कहना है कि सोने की कीमतें अक्सर दुनिया में आने वाली महंगाई को पहले ही भांप लेती हैं। उनकी रिसर्च के अनुसार, सोने की कीमतें और अमेरिका व यूरोप की औसत महंगाई के बीच 0.64 का मजबूत रिश्ता है। यानी जब महंगाई बढ़ने वाली होती है, सोने की कीमत पहले ही चढ़ने लगती है।

वे बताते हैं कि सोने और महंगाई का यह संबंध साल 2014 से लगातार देखा जा रहा है। उनकी रिसर्च में उन्होंने महंगाई और गोल्ड प्राइस को 21 महीने बाद की तुलना में देखा, और दोनों में साफ संबंध मिला।

महंगाई अभी दिख नहीं रही, लेकिन सोना संकेत दे रहा है

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के ताजा उपभोक्ता महंगाई (CPI) के आंकड़ों में अभी भारी बढ़ोतरी नहीं दिख रही, जबकि पिछले छह महीनों में अमेरिका ने कस्टम ड्यूटी से 3.5 गुना ज्यादा टैक्स (30 बिलियन डॉलर) इकट्ठा किया है। यानी इंपोर्ट पर टैक्स बढ़ा है, लेकिन अभी महंगाई पर इसका असर नहीं दिखा।

विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स का असर धीरे धीरे दिखता है, और आने वाले महीनों में महंगाई ऊपर जा सकती है। सोने की कीमतों में अभी जो तेजी दिख रही है, वह इसी आने वाली महंगाई का संकेत हो सकता है।

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Gold Price Outlook: सोने की कीमतें आगे कैसी रहेंगी?

अभी हालात बताते हैं कि सोने की कीमतें ऊंची रह सकती हैं। इसकी वजह है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। हालांकि 2025 में (जनवरी से सितंबर) बैंकों ने 634 टन सोना खरीदा, जो पिछले साल इसी समय की 724 टन खरीद से थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी यह खरीद 2014 से 2021 तक किसी भी साल से ज्यादा है।

JM Financial का कहना है कि केंद्रीय बैंकों की मजबूत मांग की वजह से सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम है। अभी दुनियाभर की कुल गोल्ड डिमांड में से 17% हिस्सा सिर्फ सेंट्रल बैंकों की खरीद का है।

गोल्ड और सिल्वर का अंतर भी बता रहा संकेत

इस समय गोल्ड-सिल्वर रेशियो 78 के आस पास है, जबकि इसका लंबे समय का औसत 68 है। इसका मतलब है कि सोने ने चांदी के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी दिखाई है। यह अंतर अप्रैल 2025 में 102 तक पहुंच गया था। चांदी इस अवधि में लगभग 44% चढ़ी है, जबकि सोना 27% बढ़ा है, लेकिन फिर भी सोने की बढ़त ज्यादा मजबूत मानी जा रही है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह आंकड़ा बताता है कि दुनिया में अनिश्चितता बढ़ी है और निवेशक सुरक्षित जगह यानी सोने की ओर जा रहे हैं।

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सोना कहां तक जा सकता है?

Jefferies के चीफ स्ट्रेटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड का अनुमान है कि आने वाले समय में सोना 6600 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। यह अभी की कीमत से करीब 57% ऊपर है। उनका कहना है कि अगर यह अनुमान सही रहा, तो यह सोने की मौजूदा बुल-रन का सबसे ऊंचा स्तर हो सकता है।

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विदेश जाना है लेकिन पासपोर्ट-वीजा नहीं

विदेश जाना है लेकिन पासपोर्ट-वीजा नहीं

Last Updated: अप्रैल 4, 2026 | 7:31 PM IST

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  • Test विदेश जाना है लेकिन पासपोर्ट-वीजा नहींविदेश जाना है लेकिन पासपोर्ट-वीजा नहींविदेश जाना है लेकिन पासपोर्ट-वीजा नहींविदेश जाना है लेकिन पासपोर्ट-वीजा नहीं
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Gold Price Today: सोना ₹1.27 लाख के करीब, चांदी में 500 रुपये की तेजी; जानें ताजा भाव

Gold Price today: घरेलू बाजार में आज सोने के वायदा भाव 1,26,950 रुपये, जबकि चांदी के भाव 1,63,000 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं। Gold Silver Price Today: सोने चांदी…

Last Updated: नवंबर 21, 2025 | 6:55 AM IST

हाइलाइट्स

  • Gold Price today: घरेलू बाजार में आज सोने के वायदा भाव 1,26,950 रुपये, जबकि चांदी के भाव 1,63,000 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं। Gold Silver Price Today: सोने चांदी के वायदा भाव कारोबार में तेजी देखने को मिल रही…
Gold Price Today: सोना ₹1.27 लाख के करीब, चांदी में 500 रुपये की तेजी; जानें ताजा भाव
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Gold Price today: घरेलू बाजार में आज सोने के वायदा भाव 1,26,950 रुपये, जबकि चांदी के भाव 1,63,000 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं।

Gold Silver Price Today: सोने चांदी के वायदा भाव कारोबार में तेजी देखने को मिल रही है। दोनों के भाव आज तेजी के साथ खुले। खबर लिखे जाने के समय घरेलू बाजार में आज सोने के वायदा भाव 1,26,950 रुपये, जबकि चांदी के भाव 1,63,000 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने चांदी के वायदा भाव तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।

सोना सुस्त शुरुआत के बाद हुआ महंगा

सोने के वायदा भाव की शुरुआत आज नरमी के साथ हुई। लेकिन बाद में भाव चढ़ गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट आज 3 रुपये की गिरावट के साथ 1,26,748 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 1,26,751 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 194 रुपये की तेजी के साथ 1,26,945 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 1,27,048 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 1,26,748 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने इस साल 1,31,699 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

चांदी भी चमकी

चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेज रही। MCX पर चांदी का बेंचमार्क दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट आज 381 रुपये की तेजी के साथ 1,62,851 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 1,62,470 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 555 रुपये की तेजी के साथ 1,63,025 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 1,63,333 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 1,62,714 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। चांदी के वायदा भाव ने इस साल 1,69,200 रुपये किलो के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुस्त शुरुआत के चढ़े सोना चांदी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने चांदी के वायदा कारोबार की शुरुआत सुस्त रही। लेकिन बाद में भाव चढ़ गए। Comex पर सोना 4,174.90 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस 4,194.50 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 19.10 डॉलर की तेजी के साथ 4,205.60 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 4,398 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया।

Comex पर चांदी के वायदा भाव 52.20 डॉलर के भाव पर खुले। पिछला क्लोजिंग प्राइस 53.17 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 0.18 डॉलर की तेजी के साथ 53.35 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव 53.76 डॉलर का उच्च स्तर छू चुके हैं।

MCX, Comex पर भाव

MCX Open Last Close LTP
सोना 1,26,748 1,26,751 1,26,945
चांदी 1,62,851 1,62,470 1,63,025
Comex Open Last Close LTP
सोना 4,174.90 4,194.50 4,214.10
चांदी 52.20 53.17 53.35

(नोट: mcx में सोने के वायदा भाव रुपये प्रति 10 ग्राम, चांदी रुपये प्रति किलो में हैं। कॉमेक्स में दोनों के वायदा भाव डॉलर प्रति ओंस में हैं। last trading price (LTP) खबर लिखे जाने के समय के हैं।)

महाराष्ट्र में रबी फसलों की बोआई धीमी, अब तक सिर्फ 9.14 लाख हेक्टेयर में हुई खेती; किसान चिंतित

राज्य में इस वर्ष रबी फसलों की बोआई सिर्फ 9.14 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 40 फीसदी कम है बेमौसम बारिश और खरीफ…

Last Updated: नवंबर 21, 2025 | 6:51 AM IST

हाइलाइट्स

  • राज्य में इस वर्ष रबी फसलों की बोआई सिर्फ 9.14 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 40 फीसदी कम है बेमौसम बारिश और खरीफ फसलों की कटाई में हो रही देरी के कारण महाराष्ट्र…
महाराष्ट्र में रबी फसलों की बोआई धीमी, अब तक सिर्फ 9.14 लाख हेक्टेयर में हुई खेती; किसान चिंतित
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राज्य में इस वर्ष रबी फसलों की बोआई सिर्फ 9.14 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 40 फीसदी कम है

बेमौसम बारिश और खरीफ फसलों की कटाई में हो रही देरी के कारण महाराष्ट्र में रबी सीजन की फसलों की बोआई की गति काफी धीमी है। राज्य में इस वर्ष रबी फसलों की बोआई 9.14 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 40 फीसदी कम है। सामान्य परिस्थितियों में राज्य में रबी फसलों का औसत रकबा करीब 57.8 लाख हेक्टेयर रहता है।

महाराष्ट्र कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 10 नवंबर तक राज्य में रबी फसलों का कुल रकबा 9.15 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 15.34 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 6.19 लाख हेक्टेयर यानी 40.35 फीसदी कम है। राज्य में रबी सीजन के दौरान फसलों का औसत रकबा 57.8 लाख हेक्टेयर होता है, जिसमें से इस साल अब तक करीब 16 फीसदी हिस्से में बोआई हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 27 फीसदी क्षेत्र में फसलों की बोआई पूरी हो चुकी थी।

गेहूं, ज्वार, मक्का और चना की बोआई में भारी गिरावट

राज्य में लगभग सभी प्रमुख फसलों की बोआई पिछले साल की तुलना में पीछे चल रही है, जिनमें गेहूं, ज्वार, मक्का और चना शामिल हैं। तिलहनों के रकबे में भी गिरावट दर्ज की गई है।

चालू रबी सीजन में गेहूं और मोटे अनाजों का कुल रकबा 5.56 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है, जबकि पिछले साल इस समय यह 9.18 लाख हेक्टेयर था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 10 नवंबर तक राज्य में गेहूं की बोआई 78.89 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हुई थी, जबकि इस साल यह घटकर केवल 42 हजार हेक्टेयर रह गई है।

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ज्वार का बोआई क्षेत्र 7.36 लाख हेक्टेयर से घटकर 4.22 लाख हेक्टेयर हो गया है, वहीं मक्का का रकबा 1.02 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 92 हजार हेक्टेयर पर सिमट गया है।

दलहन फसलों का कुल रकबा 3.54 लाख हेक्टेयर ही पहुंच सका है, जबकि पिछले साल इस समय यह 6.03 लाख हेक्टेयर था। रबी सीजन की प्रमुख दलहन फसल चना की बोआई इस बार केवल 3.44 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 5.88 लाख हेक्टेयर की तुलना में काफी कम है। महाराष्ट्र देश के अग्रणी चना उत्पादक राज्यों में शामिल है। अन्य दलहनों का रकबा भी पिछले साल के 15 हजार हेक्टेयर से घटकर 10 हजार हेक्टेयर पर आ गया है।

तिलहनों की बोआई भी सुस्त, सरकार ने दी राहत राशि

पिछले साल 10 नवंबर तक महाराष्ट्र में 13 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में तिलहन फसलों की बोआई हुई थी, जबकि इस बार यह घटकर सिर्फ 5 हजार हेक्टेयर रह गई है। राज्य में सूरजमुखी और तिल जैसी तिलहन फसलों की बोआई शुरू तो हो गई है, लेकिन इसकी रफ्तार अभी बहुत धीमी है।

कृषि विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले कुछ सप्ताहों में रबी फसलों की बोआई की गति तेज होगी। दरअसल, राज्य के कई इलाकों में हाल की भारी बारिश और बाढ़ के कारण खेतों में नमी अधिक है, जिससे बोआई धीमी चल रही है। विभाग का मानना है कि मौसम सुधरने के साथ बोआई की रफ्तार बढ़ेगी।

गौरतलब है कि हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने रबी सीजन में बोआई कार्यों को बढ़ावा देने के लिए कुल 7,485 करोड़ रुपये की सहायता राशि मंजूर की है। इसमें मराठवाड़ा को सबसे ज्यादा 4,486 करोड़ रुपये, विदर्भ को 2,544 करोड़ रुपये, पुणे डिवीजन को 785 करोड़ रुपये और कोंकण डिवीजन को 29.68 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।