वित्त मंत्री द्वारा इन्फ्रा और ऊर्जा उद्योग के प्रतिनिधियों से बजट संबंधित सुझाव लिए गए जिनमें कर सुधार, निवेश सुगमता और रणनीतिक विकास कोष के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10वें दौर के बजट पूर्व परामर्श की शुक्रवार को यहां अध्यक्षता की। उन्होंने ऊर्जा और आधारभूत ढांचे के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
वित्त मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि इस बैठक में ऊर्जा मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल, बंदरगाह, जहाजरानी व जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार, सड़क यातायात व राजमार्ग के सचिव वी. उमाशंकर, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार और केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन मौजूद थे।
बैठक में शामिल होने वाले उद्योग जगत के दिग्गजों में अदाणी पोर्ट्स ऐंड एसईजेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) करण अदाणी, हिताची एनर्जी के भारत व दक्षिण एशिया के एमडी व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एन वेणु, अवादा ग्रुप के अध्यक्ष विनीत मित्तल, जेसीबी के चेयरमैन दीपक शेट्टी, जीई वर्नोवा टीऐंडडी इंडिया के एमडी संदीप जंजारिया, एफकॉन्स के एमडी एस परमसिवन, शापूरजी पलोनजी इन्फ्रास्ट्रक्चर कैपिटल के निदेशक मनीष त्रिपाठी और जीएमआर ग्रुप के डिप्टी एमडी के नारायणराव शामिल थे।
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बैठक में मौजूद उद्योग के अन्य प्रमुख दिग्गजों में जेएम बक्शी के समूह निदेशक संदीप वाधवा, एलऐंडटी के रेलवे के सीईओ एस रामकुमार, हिताची के रेलवे सिस्टम बिजनेस के प्रमुख मंगल देव, बोरोसिल रिन्यूएबल्स के अध्यक्ष प्रदीप खेरुका, शक्ति पम्प्स के सीएमडी दिनेश पट्टीदार, आरई के एमडी एवं सीईओ मसूद मलिक, क्रेडाई के अध्यक्ष शेखर पाटिल, पीएनसी इन्फ्रॉटेक के निदेशक टीआर राव, वोल्वो कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के एमडी डी. कृष्णन, इन्फ्राविजन फाउंडेशन के सीईओ जगन शाह और नैशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन के सीईओ एस. पुलिपका मौजूद थे।
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सीतारमण ने गुरुवार को बजट पूर्व परामर्श में ट्रेड यूनियन, श्रम संगठनों और पर्यटन व आतिथ्य क्षेत्र के दिग्गजों से मुलाकात की थी।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने हाल ही में राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव से मुलाकात कर केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए सिफारिशें पेश की थीं। इसमें कर व्यवस्था को ‘विवाद-निवारक’ बनाने, न कि ‘विवाद-प्रेरित’ करने का अनुरोध किया गया । सीआईआई ने भारत के दीर्घकालिक विकास, लचीलेपन और वैश्विक आर्थिक सुरक्षा को धन मुहैया कराने लिए संप्रभु-समर्थित और पेशेवर रूप से प्रबंधित संस्था, भारत विकास और रणनीतिक कोष के निर्माण का प्रस्ताव रखा।