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2025 में 7% की रफ्तार से बढ़ेगी भारत की GDP, मूडीज ने जताया अनुमान

मूडीज ने कहा, ‘2026 और 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5% के आसपास बढ़ती रहेगी जिसे कम मुद्रास्फीति के बीच तटस्थ-से-उदार मौद्रिक नीति रुख का समर्थन प्राप्त होगा।’ भारत की अर्थव्यवस्था 2025 में 7 फीसदी और 2026 में 6.5 प्रतिशत…

Last Updated: January 10, 2026 | 1:31 PM

हाइलाइट्स

मूडीज ने कहा, ‘2026 और 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5% के आसपास बढ़ती रहेगी जिसे कम मुद्रास्फीति के बीच तटस्थ-से-उदार मौद्रिक नीति रुख का समर्थन प्राप्त होगा।’

भारत की अर्थव्यवस्था 2025 में 7 फीसदी और 2026 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने यह अनुमान लगाया है। एजेंसी ने अपनी ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक’ रिपोर्ट में कहा कि देश की वृद्धि को मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और ठोस उपभोग का समर्थन मिल रहा है। हालांकि, निजी क्षेत्र अभी भी पूंजीगत निवेश को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि उसे उम्मीद है कि भारत जी-20 देशों के सदस्यों में से सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। यह 2027 तक 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा जिसे घरेलू व निर्यात विविधीकरण का समर्थन प्राप्त मिलेगा। कैलेंडर वर्ष 2025 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2024 के 6.7 प्रतिशत से अधिक है।

वास्तविक जीडीपी, आधार वर्ष 2011-12 पर आधारित होती है। कुछ उत्पादों पर 50 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क का सामना कर रहे भारतीय निर्यातकों ने निर्यात को पुनर्निर्देशित करने में सफलता हासिल की है। सितंबर में उनका कुल निर्यात 6.75 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अमेरिका को निर्यात में 11.9 प्रतिशत की गिरावट आई।

मूडीज ने कहा, ‘‘ हमें उम्मीद है कि 2026 और 2027 में इसकी अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत के आसपास बढ़ती रहेगी जिसे कम मुद्रास्फीति के बीच तटस्थ-से-उदार मौद्रिक नीति रुख का समर्थन प्राप्त होगा।’’

चीन के लिए मूडीज ने अनुमान लगाया है कि 2025 उसकी में अर्थव्यवस्था पांच प्रतिशत बढ़ेगी जिसे सरकारी प्रोत्साहन और मजबूत निर्यात का समर्थन प्राप्त होगा। 2027 तक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि धीरे-धीरे घटकर 4.2 प्रतिशत हो सकती है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘ “वैश्विक स्तर पर जीडीपी की वृद्धि दर 2026 और 2027 में 2.5 एवं 2.6 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है जो 2025 के 2.6 प्रतिशत और 2024 के 2.9 प्रतिशत से कम है।’’

First Published - November 22, 2025 | 7:39 AM IST
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ग्रीन हाइड्रोजन लक्ष्य में बदलाव, 2030 तक 30 लाख टन उत्पादन का नया टारगेट

वैश्विक नीतिगत अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते भारत ने ग्रीन हाइड्रोजन का लक्ष्य संशोधित किया है। अब 2030 तक 30 लाख टन, 2032 तक 50 लाख टन उत्पादन का…

aarti gosavi

Last Updated: March 11, 2026 | 4:34 PM IST

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हाइलाइट्स

  • वैश्विक नीतिगत अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते भारत ने ग्रीन हाइड्रोजन का लक्ष्य संशोधित किया है। अब 2030 तक 30 लाख टन, 2032 तक 50 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को लेकर वैश्विक नीतिगत…
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वैश्विक नीतिगत अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते भारत ने ग्रीन हाइड्रोजन का लक्ष्य संशोधित किया है। अब 2030 तक 30 लाख टन, 2032 तक 50 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया

ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को लेकर वैश्विक नीतिगत अनिश्चितताओं के कारण 50 लाख टन सालाना (एमएमटीपीए) ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का भारत का लक्ष्य दो साल पीछे यानी 2032 तक खिसकने की संभावना है।

Green Hydrogen पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के सचिव संतोष सारंगी ने मंगलवार को कहा कि पहले के लक्ष्यों में संशोधन करके अब देश में 2030 तक 30 लाख टन सालाना  ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। भारत सरकार ने जनवरी 2023 में नैशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) की शुरुआत की थी। इसका मकसद भारत को ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन व निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके तहत 2030 तक सालाना 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था।

सारंगी ने कहा कि यूरोप में नीतिगत अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) द्वारा नेट जीरो फ्रेमवर्क (एनजेडएफ) को 1 साल तक के लिए टालने के फैसले के बाद भारत के लक्ष्य में बदलाव किया गया है।

उन्होंने कहा कि निर्यात पर केंद्रित भारतीय कंपनियां ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन लक्ष्यों को फिर से समायोजित कर सकती हैं, जबकि अन्य घरेलू कंपनियों जल्द ही परियोजनाएं शुरू कर सकती हैं।

सारंगी ने कहा, ‘ग्रीनको, एक्मे, सेंबकॉर्प जैसी कंपनियां सक्रिय रूप से साझेदार तलाश रही हैं और वे अपेक्षाकृत सफल रही हैं।’

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